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Gorakhpur News: पुराने कानून से सजा में आती थी दिक्कत, अब आसान होगा इंसाफ

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गोरखपुर। पुराने जमाने में रहन-सहन और सोच अलग थी। आधुनिकता की दौर में समाज में ऐसे बहुत से बदलाव आएं हैं, जिसमें अपराध होने पर पुराने कानून की मदद से सजा दिला पाना आसान नहीं है। खासतौर पहले के समय में लिव इन रिलेशन के मामले नहीं आते थे, लेकिन अब इस तरह के मामले आम हो गए हैं। इस दौरान महिला की तस्वीर वायरल होने का मामला भी आता है, लेकिन प्रावधान न होने की वजह से पुलिस ऐसे मामलों में महज आईटी एक्ट का केस दर्ज करती है और उसमें भी सजा या गिरफ्तारी न होने की वजह से आरोपी बच जाते थे और उनके मन में खौफ नहीं होता था। लेकिन, अब कानून में बदलाव की वजह से ऐसे मामलों में भी सजा हो सकती है। महिलाओं का मानना है कि नए कानून से उन्हें मजबूती मिलेगी और इंसाफ कम समय में मिल जाएगा।
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अब मिल पाएगा त्वरित न्याय
अपराध के बदलते नित नए आयाम और तौर-तरीकों पर पुराना कानून कहीं न कहीं विफल हो रहा था। न्याय प्रक्रिया जटिल महसूस होती थी। बहुत प्रयास करने के बाद भी त्वरित न्याय का सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। नया कानून इन्हीं संकटों का समाधान प्रतीत होता है। महिलाओं के प्रति अपराधों में भी अपराधी नए तरीके अपना रहे हैं। सरकार अपने देश के अनुकूल कानून बना रही है जो पूरी तरह स्वागत योग्य है। यह कानून लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरेगा।- यशपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता (पूर्व डीजीसी क्रिमिनल)

नया कानून स्पष्ट है, आर्थिक अपराध में कमी आएगी
भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम अंग्रेजों का बनाया कानून था। तबसे परिस्थितियां और अपराध करने का तरीका बदल गया है। अंग्रेज यहां न्याय करने नहीं आए थे, बल्कि दमन करके अपना राज्य स्थापित करने आए थे, इसलिए उनके कानून दमनकारी थे, जिन्हें हटाकर नया कानून बनाया जाना समय की मांग थी। सर्वाधिक अपराध जर, जोरू और जमीन के लिए ही होते हैं। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़े हैं। जिन्हें सशक्त कानून से ही नियंत्रित किया जा सकता है। नए कानून में सब स्पष्ट है। त्वरित न्याय मिलेगा। महिलाओं के प्रति अपराध कम होगा। आर्थिक अपराध में भी कमी आएगी। - शंकर शरण त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी
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ऑडियो-वीडियो को सबूत मानना ठीक
आज के दौर में सभी के पास सबसे सहज और आसान सबूत के तौर पर ऑडियो, वीडियो ही हो सकता है। क्योंकि जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटना होने पर अन्य लोग भी वीडियो बनाने लगते हैं। ऐसे में इसे साक्ष्य तो मानना ही चाहिए। बदलते समय में इसे कानूनी मान्यता देने का फैसला स्वागतयोग्य है। कई बार ईमेल और एसएमएस से ही लोग धमकी तक दे देते हैं। कानून न होने की वजह से पुलिस वाले भी इसे हल्के में लेते थे।- अनुकृति सिंह, रुस्तमपुर

समाज के साथ कानूनी में बदलाव की जरूरत थी
आज के समय में लोगों की सोच बदली है। रहन-सहन भी बदला है। ऐसे में महिलाएं अब न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि काम करने के लिए बाहर निकलती है। कई बार उनके फोटो का दुरुपयोग करके उसे वायरल करने की घटनाएं सुनने में आती हैं। इस पर सख्त कानूनी होगा, तो जाहिर है लोगों के मन में डर होगा। - रुचिका, दाउदपुर
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