रिपोर्टर : भईया, अस्थायी लाइसेंस बन जाएगा?
बिचौलिया : हां बन जाएगा ।
रिपोर्टर : कितने पैसे लगेंगे?
बिचौलिया : 1500 रुपये
रिपोर्टर : अस्थायी लाइसेंस की फीस तो 350 रुपये हैं,
बिचौलिया : 350 रुपये सिर्फ सरकारी शुल्क है और 1500 रुपये अतिरिक्त देंगे तो आवेदन के साथ ही आपको पास भी करा दिया जाएगा। अस्थायी लाइसेंस की परीक्षा सिर्फ औपचारिकता के लिए देनी पड़ेगी।
रिपोर्टर : आवेदन में क्या-क्या दस्तावेज लगेंगे?
बिचौलिया : सिर्फ आधार कार्ड देना होगा।
रिपोर्टर : लाइसेंस कैसे बनेगा?
बिचौलिया : आप पैसा दीजिए वह हमारा सिरदर्द है। लाइसेंस आपको मिल जाएगा।
संभागीय निरीक्षक राघव कुशवाहा ने बताया कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ ही आवेदक के मोबाईल पर टेस्ट के लिए एक लिंक और ओटीपी आ जाएगा। लिंक पर क्लिक करने के साथ ही उसमें ओटीपी डालना होगा।
ओटीपी डालने के बाद 15 वैकल्पिक सवाल पूछे जाएंगे। आवेदक को पास होने के लिए न्यूनतम नौ मिनट में नौ सही सवाल करने होते हैं। आवेदक के पास होने के बाद लर्निंग लाइसेंस आवेदक के मोबाइल पर भेज दिया जाता है।
बताया कि फेल होने के बाद उत्तीर्ण होने के लिए अभ्यर्थी को एक आवेदन पर तीन बार टेस्ट देने का मौका मिलेगा। इसके बाद भी आवेदक पास नहीं हुआ तो उसे दूसरी बार ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) विजय कुमार सिंह ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस की व्यवस्था ऑनलाइन और पूरी तरह से पारदर्शी है, इसमें सॉफ्टवेयर ही आवेदक को पास या फेल करता है, बिचौलिए आवेदकों को पास करा रहे हैं, तो ये जांच का विषय है, अगर ऐसा कोई मामला संज्ञान में आता है तो इससे परिवहन विभाग के मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा।