गोरखपुर। गोरखपुर और बस्ती मंडल में स्थित बेतिया एस्टेट की लगभग 125 एकड़ बेशकीमती जमीन पर 40 साल से अधिक समय से काबिज लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। बिहार सरकार की ओर से ऐसे कब्जेदारों को स्वामित्व देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अध्यादेश 2026 लागू होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि किन शर्तों के तहत जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा।
गोरखपुर के बेतियाहाता मोहल्ले में करीब 51 एकड़ जमीन पर लंबे समय से कब्जा है। बिहार सरकार की ओर से गठित टीम ने सर्वे और पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार की है। अब तक की जांच में करीब पांच एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है।
इस मामले में 37 लोगों को बेदखली का नोटिस जारी करने के बाद एसडीएम कोर्ट में वाद भी दाखिल किया गया है। शेष भूमि की पैमाइश की प्रक्रिया अभी जारी है। कुछ स्थानों पर सरकारी आवास भी बने हुए हैं।
स्थानीय निवासी जेपी दुबे ने कहा कि यदि अध्यादेश की प्रति जारी हो जाती है तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वामित्व देने का निर्णय लेती है तो यह स्वागत योग्य कदम होगा, क्योंकि कई लोग 50 वर्ष से अधिक समय से वहां रह रहे हैं।
वहीं बिहार सरकार के सहायक बंदोबस्त अधिकारी बद्री प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।