बीआरडी में भर्ती मौजूदा समय में जो भी मरीज भर्ती है। उनमें से अधिकांश की उम्र 50 से अधिक है। यह ऐसे मरीज हैं, जिनको पहले से ही शुगर, हार्ट, किडनी, चेस्ट आदि की बीमारी है। यही वजह है कि इन पर संक्रमण का असर अधिक रहा है। प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि लोग अब लापरवाही कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि जिनकी इम्युनिटी कमजोर हैं, उन पर संक्रमण का असर जल्द हो रहा है।
नौ दिनों में आठ की हो चुकी है मौत
जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में आठ संक्रमित मरीजों की मौत बीआरडी में हो चुकी है। जबकि पिछले साल दिसंबर माह में केवल 19 मरीजों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों को डर है कि अगर इसी तरह लापरवाही होती रही तो मौत के आंकड़े अभी और बढ़ेंगे।