104 वर्ष के केएल गुप्त को 60वीं बार नरमू का महामंत्री चुना गया है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन के दूसरे दिन नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। जिसमें उन्हें सर्वसम्मति से महामंत्री चुना गया। इसके पूर्व अधिवेशन में रेलकर्मियों के हितों से खिलवाड़, ट्रेड यूनियन को कमजोर करने की साजिश, मान्यता प्राप्त संगठन के लिए 51 प्रतिशत अनिवार्यता के विरोध में प्रस्ताव लाया गया और संगठन को मजबूत कर आंदोलन के संघर्ष का एलान किया गया।
अधिवेशन के दूसरे दिन वर्चुअल रूप से जुड़े ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ट्रेड यूनियन के अधिकारों को समाप्त करना चाहती है, जिसे हम सफल नहीं होने देंगे। वर्तमान सरकार मनमाने तरीके से बदलाव कर रेल कर्मचारियों को हड़ताल से वंचित करना चाहती है। यूनियन की मान्यता के लिए 51 प्रतिशत मत प्राप्त करने की अनिवार्यता की जा रही है जबकि सांसद व विधायक के चुनाव में इस तरह का मापदंड नहीं है।
उन्होंने कहा कि रेलकर्मियों को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा। ऐसे प्रभावशाली कदम उठाने होंगे कि केंद्र सरकार पर दबाव बने। महामंत्री केएल गुप्त ने कहा कि सरकार मजदूरों की आवाज को दबाने के लिए नया श्रम कानून लाने जा रही है तथा पूंजीपतियों के हाथों में रेलवे को बेचने की साजिश की जा रही है। अधिवेशन में कुल 161 डेलीगेट ऑनलाइन जुड़े रहे। प्रदीप धर दुबे, वीके सिंह, एनबी सिंह, कामरान अहमद, अजय कुमार वर्मा, ओंकार सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।