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Gorakhpur News: क्रासिंग बंद होने से पहले अब घंटी नहीं हूटर बजेगा

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गोरखपुर। रेलवे क्राॅसिंग पर अचानक हूटर बजने लगे तो घबराएं नहीं, यह ट्रेन आने की पूर्व सूचना है। इसका मतलब है कि क्राॅसिंग का बैरियर बंद हो रहा है। हूटर बज गया है तो हड़बड़ी में क्राॅसिंग पार करने के बजाय ट्रेन के गुजरने का इंतजार करें।
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रेलवे के क्राॅसिंग पर पहले तार वाले बैरियर लगाए जाते थे। ये काफी भारी होते थे। उन्हें उठाते और गिराते समय काफी सावधानी बरतनी होती थी। उस वक्त क्राॅसिंग पर एक घंटी लगाई जाती थी, जब ट्रेन को क्रॉस कराना हो तो गेटमैन पहले घंटी बजाते थे, जिससे कि सड़क से गुजर रहे वाहन चालक सतर्क हो जाएं। बैरियर उठाते समय भी घंटी बजाई जाती थी। अब उनकी जगह उसी तरह दिखने वाले इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए हैं। ये काफी हल्के हैं। इन्हें उठाना और गिराना भी आसान है। लेकिन वाहनों के टकराने पर यह पहले वाले बैरियर की अपेक्षा जल्दी क्षतिग्रस्त होते हैं। इसलिए रेलवे ने अब क्राॅसिंग पर घंटी की जगह हूटर लगवा दिए हैं। अब गेटमैन बैरियर गिराने से पहले हूटर बजाएंगे, जिससे कि सड़क पर आने वाले वाहन चालक व पैदल यात्री सतर्क हो जाएं।
लगातार लोगों को किया जा रहा है जागरूक
ट्रेन संचालन के लिए क्राॅसिंग का बैरियर लॉक होना जरूरी है। बिना इसके लॉक हुए सिग्नल नहीं मिलता, इसीलिए बैरियर के साथ-साथ स्लाइडर बूम भी लगाए जा रहे हैं, जिससे कि अगर बैरियर लॉक होने में किसी प्रकार की दिक्कत आए तो स्लाइडर बूम खींचकर गेट को लॉक किया जा सके। रेलवे के नियमानुसार गेट का बैरियर बंद होने पर रेल ट्रैक को पैदल या किसी वाहन के साथ पार करना दंडनीय अपराध है। इसीलिए रेलवे की तरफ से लगातार लोगों को जागरूक भी किया जाता है, जिससे कि हादसे रोके जा सकें।
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यात्रियों को सतर्क करने के लिए हूटर बजाया जाता है। लोगों को जागरूक भी किया जाता है कि क्राॅसिंग बंद होने पर बैरियर को उठाने का प्रयास कर उसके नीचे से न निकलें। यह हादसे की वजह बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होती है।
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- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ
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