गीडा में ऐसी फैक्टरी की जरूरत थी
गीडा के एसडीएम व विशेष कार्याधिकारी अनुपम मिश्रा बताते हैं कि बड़े शहरों में जमीनों का रेट और मजदूरी दोनों महंगा है। दूसरी प्रमुख बात यह है कि पूर्वांचल के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होने से बाजार में भी रौनक बढ़ी है। लोग खाने-पीने की खरीदारी अधिक करने लगे हैं।
महज एक दशक पहले तक बोतल बंद पानी खरीदकर पीने वालों की संख्या कम थी, लेकिन अब लोग बोतल बंद पानी, कोल्ड ड्रिंक्स आदि का उपभोग अधिक करने लगे हैं। इसलिए गीडा में ऐसी फैक्टरी की जरूरत थी, जो प्लास्टिक की बोतल, ढक्कन आदि का निर्माण कर सके। इसके चालू होने से दूसरे उद्योगों को भी सहायता मिलेगी।