अब एमएमएमयूटी को भी मिलेगी यूजीसी की ग्रांट
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की धारा 12 बी का दर्जा हासिल हो गया है। इससे शोध और रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहयोग मिलने का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि विश्वविद्यालय यूजीसी से मिलने वाली हर तरह की ग्रांट का अब हकदार बन गया है।
यूजीसी की उपसचिव कुंदला महाजन का पत्र बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने बताया है कि एमएमएमयूटी को 12बी का दर्जा दिए जाने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और विश्वविद्यालय की कार्यवाही रिपोर्ट बीती 29 मई यूजीसी की बैठक में रखी गई। मानक पूरा होने पर बैठक में शामिल सदस्यों ने दर्जा दिए जाने को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।
12बी की मान्यता से फायदा
एमएमएमयूटी 12 बी मान्यता मिलने के बाद रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए यूजीसी से वित्तीय सहायता मिलेगी। संगोष्ठी और सम्मेलन के लिए भी यूजीसी से बजट जारी करेगा। इसके अलावा शिक्षकों और शोध अध्येताओं की नियुक्ति भी हो सकेगी। महिला छात्रावासों के निर्माण और नए अध्ययन केंद्र खोलने में आ रही वित्तीय संकट से मुक्ति मिल जाएगी।
यूजीसी से 12बी का दर्जा मिलने से विश्वविद्यालय की वित्तीय दिक्कतों का अब समाधान हो गया है। शोध और अध्ययन-अध्यापन का स्तर बढ़ाने में बजट की कोई समस्या नहीं आएगी।
-प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एमएमएमयूटी