जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर।
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गोरखपुर में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) सिटी मॉल के पास दिल्ली हाट की तर्ज पर गोरखपुर हाट बनाने जा रहा है। इस हाट में गोरखपुर एवं आसपास के शिल्पकारों, उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए बेहतर प्लेटफार्म और बाजार मिल सकेगा।
प्रदेश सरकार ने टेराकोटा एवं रेडीमेड गारमेंट को जिले का एक जिला एक उत्पाद घोषित किया है। लेकिन, अब तक इन उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए बेहतर प्लेटफार्म नहीं है। इसके अलावा लघु उद्योगों से जुड़े उद्यमियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी अपने उत्पादों को बाजार ढूंढने में दिक्कत होती है।
ऐसे में जीडीए की ओर से सिटी मॉल के पास 3835 वर्ग मीटर नजूल की जमीन में गोरखपुर हाट बनाने की योजना तैयार की गई है। यहां दुकानें, प्रदर्शनी हॉल के अलावा पार्किंग की सुविधा होगी।
प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह सांगवान ने बताया कि पार्किंग में 68 कार एवं 55 बाइक की पार्किंग का इंतजाम होगा। पार्किंग के पीछे 36 दुकानों का निर्माण किया जाएगा। इन दुकानों का आवंटन जिलाधिकारी गोरखपुर की ओर से निर्धारित अवधि के लिए निर्धारित शुल्क पर किया जाएगा। इसके अलावा यहां 11 मीटर चौड़ा एवं 30 मीटर लंबा सभागार भी बनाया जाएगा।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं लघु उद्योग से जुड़े स्थानीय उद्यमियों, शिल्पकारों एवं दस्तकारों के लिए गोरखपुर हाट में शॉप आवंटित की जाएगी। ताकि उन्हें रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल सकें।