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Gorakhpur News: अब गांवों में मौसम खराब होने से पहले से पहले जान सकेंगे किसान, खेती किसानी में मिलेगी बड़ी राह

Tue, 06 Feb 2024 04:28 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

ब्लाकों एवं गांव स्तर पर आटोमेटिक वेदर स्टेशन तथा आटोमेटिक रेनगेज लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने बजट में 410 करोड़ का प्रावधान किया है। इससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिल जाएगी। इससे किसानों को किस क्षेत्र में कितनी बारिश होगी या कहां सूखा पड़ने वाला है। इससे किसान कम या अधिक बारिश वाली फसल का चयन कर सकेंगे।
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खेती-किसानी - फोटो : demo
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विस्तार
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ब्लाकों एवं गांव स्तर पर आटोमेटिक वेदर स्टेशन तथा आटोमेटिक रेनगेज लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 410 करोड़ का प्रावधान किया है। इससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिल जाएगी। गांव से जो डाटा एकत्रित किया जाएगा वह मौसम विभाग के पास जाएगा। इससे यह पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र में कितनी बारिश होगी या कहां सूखा पड़ने वाला है। इससे किसान कम या अधिक बारिश वाली फसल का चयन कर सकेंगे।

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कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के अध्यक्ष एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस के तोमर ने बताया कि ब्लाकों एवं गांवों में आटोमेटिक वेदर स्टेशन एवं आटोमेटिक रेन गेज लगने से मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी। यहां से जो सूचना मौसम विभाग के पास जाएगी वह सटीक होगी। उसके हिसाब से मौसम विभाग की भविष्यवाणी करेगा। इससे किसान खेती के लिए सही ढंग से प्लानिंग कर सकेंगे।

किसानाें के लिए मौसम की सही जानकारी जरूरी

पीपीगंज के किसान अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि किसानों के लिए मौसम की सही जानकारी होना बहुत फायदेमंद होता है। अगर उसे पता चल जाए कि इस बार सूखा पड़ेगा या बारिश होगी। बारिश कब होगी। कितनी होगी। इन सब जानकारी मिलने के बाद किसान फसलों की रोपाई से लेकर पटवन तक की तैयारी कर सकेगा। इससे उनकी लागत में भी कमी आएगी। ऐसे में सरकार का बजट में मौसम की सही जानकारी के लिए जो प्रावधान किया है वह सराहनीय कदम है।
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खेती में मौसम का अहम रोल

पिपरौली के किसान पवन कुमार गौंड़ ने बताया कि खेती किसानी में मौसम का अहम रोल रहता है। मौसम की सही जानकारी नहीं होने के कारण किसान अपने हिसाब से फसलों की बुआई करता है। यदि बाढ़ आ गई तो किसान की पूंजी डूब जाती है, क्योंकि खेत की जुताई अब काफी महंगी हो गई है। खाद बीज का अतिरिक्त नुकसान होता है। सही जानकारी होने पर किसान खेतों में बुआई नहीं करेगा।

सरकार का प्रयास धरातल पर उतरे

सैंथवार मुडिला के नारदमुनि सिंह
ने बताया कि सरकार किसानों के बेहतरी के लिए प्रयास तो कर रही है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने का कार्य अधिकारियों-कर्मचारियों का है। जितना कहा जा रहा है अगर वह सही साबित होगा तो किसानों को इससे बहुत लाभ मिलेगा। इस कदम के लिए सरकार बधाई की पात्र है।

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