गोरखपुर से पिपराइच तक करीब 19.48 किमी लंबे फोरलेन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। 942.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के निर्माण के लिए सोमवार को कैबिनेट की मुहर लग गई। बजट जारी होते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बनने से पिपराइच से लेकर गोरखपुर तक आवागमन में सुविधा होगी, वहीं महराजगंज और कुशीनगर जिले के लोगों को भी फायदा मिलेगा। लोकसभा चुनाव के पहले इसके शिलान्यास कराने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-3 की तरफ से फोरलेन की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सितंबर 2023 में शासन को भेजी गई थी, जिसे सोमवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहुत ज्यादा है।
फोरलेन के निर्माण से जगह-जगह लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। इस्टीमेट के अनुसार 19.48 किमी लंबी सड़क को 26 मीटर की चौड़ाई में बनाया जाएगा।
निर्माण के दौरान शहरी क्षेत्र में बहुत लोगों के मकान व दुकान सड़क की जद में आएंगे। बजट मिलने के बाद मुआवजा देकर पहले जमीन को अधिग्रहीत किया जाएगा, उसके बाद निर्माण शुरू होगा।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन के सहायक अभियंता रंजन सिंह ने बताया कि असुरन से पिपराइच तक फोरलेन बनाने में शहर का हिस्सा भी पड़ रह है। जमीन-दुकान का मुआवजा देकर अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
गोड़धोइया नाला निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ
गोड़धोइया नाले के जीर्णोद्धार के लिए शासन को भेजी गई डिजाइन एवं नाला निर्माण के लिए ली जाने वाली भूमि की कीमत तय करने के लिए समिति के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। जिसके बाद जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।
प्रस्ताव के मुताबिक नाले के जीर्णोद्धार और इसके पानी के डायवर्जन ट्रीटमेंट की योजना पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। आवास विभाग ने पहली किस्त के रूप में 325 करोड़ रुपये जून 2023 के दी थी।
परियोजना प्रबंधन रतन सेन सिंह ने बताया कि फंड तो शासन की तरफ से पहले ही स्वीकृत हो चुका है और काम तेजी से चल भी रहा। अधिग्रहण के लिए भी शासन से स्वीकृति मिल गई है। नाला की कुल लंबाई 13 किलोमीटर और कैचमेंट क्षेत्र करीब 81.936 किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई 10 से 20 मीटर तक है।