गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की ओर से मानसिक रोगी की पिटाई का मामला अब नया मोड़ लेता जा रहा है। घटना की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय समिति की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है लेकिन इससे पहले ही कॉलेज प्रशासन ने मरीज की नर्स पत्नी और एक अन्य नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि मीडिया में दिए गए बयानों से कॉलेज की छवि धूमिल हुई है।
रविवार को सरोजिनी हॉस्टल के पास एमबीबीएस छात्रा से टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज ने छात्रा के पहनावे पर आपत्ति जताई, जिससे नाराज छात्रा और उसके साथी ने अन्य छात्रों को बुला लिया। इसके बाद छात्रों ने मरीज को वार्ड में घेरकर मारपीट की थी। पीड़ित मरीज सिजोफ्रेनिया से ग्रस्त बताया गया है।
सोमवार को मरीज की पत्नी, जो मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स हैं। उसने आरोपी छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और घटना का वीडियो भी सौंपा। उन्होंने मीडिया में बयान देकर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद मामला और गरमा गया।
घटना के 48 घंटे बाद परिजन मरीज को नेहरू अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर महराजगंज में निजी इलाज के लिए ले गए। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कंचन श्रीवास्तव ने मरीज की पत्नी और एक संविदा नर्स को नोटिस जारी किया है। उधर, परिजनों ने जांच समिति पर सवाल उठाते हुए छात्रों को बचाने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम के बाद कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।