लोक लेखा समिति की बैठक में एक दिन पहले फजीहत झेलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने अब प्राथमिक शिक्षा की स्थिति सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। इस कड़ी में बुधवार को विभाग की ओर से नगर क्षेत्र के 71 विद्यालयों में लगातार घट रही विद्यार्थियों की संख्या को लेकर नगर शिक्षा अधिकारी और 71 प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया है। साथ ही पांच दिन के अंदर अपना जवाब देने का समय दिया है। माना जा रहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले शिक्षकों पर विभाग की ओर से शिकंजा कसना शुरू किया जाएगा।
जारी नोटिस के मुताबिक विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम मिली है जिसे स्पष्ट रूप से बाल शिक्षा अधिकार के अधिनियम का उल्लंघन बताया गया है। एक दिन पहले ही विभाग की ओर से लोकलेखा समिति की बैठक में नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल की ओर से प्राथमिक शिक्षा की स्थिति पर असंतोष जताया जा चुका है।
उन्होंने बेपटरी हुई शिक्षा के लिए अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद से ही विभाग ने मंगलवार को नगर क्षेत्र के 75 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित मिले 12 शिक्षक, दो शिक्षा मित्र के एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही एक शिक्षा मित्र को नोटिस जारी किया गया। वहीं बुधवार को औचक निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों के उपस्थिति के रिकार्ड को तलब किया गया। कम उपस्थिति पर नगर शिक्षा अधिकारी और 71 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है।
सात विद्यालयों का निरीक्षण अभी बाकी
नगर क्षेत्र में 78 परिषदीय विद्यालय मौजूद हैं। मंगलवार के निरीक्षण के दौरान 75 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। 71 की रिपोर्ट तैयार होने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया। शेष चार विद्यालयों को 31 जनवरी को नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं बाकि बचे तीन विद्यालयों का निरीक्षण भी उसी दिन कर उचित कार्रवाई की जाएगी।