बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से निगम की राजस्व व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। यही वजह है कि पूर्वांचल एमडी ने गोरखपुर जोन के 15 अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी को एक सप्ताह में जवाब देना है। समुचित जवाब नहीं देने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की तरफ से प्रदेश भर में बिजली निगम के अभियंता और कर्मचारी 15 सूत्री मांगों को लेकर 29 नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से निगम की राजस्व वसूली प्रभावित हो गई। काउंटर बंद होने से सैकड़ों उपभोक्ता बिल का भुगतान नहीं कर पाए। नाराज पूर्वांचल एमडी शंभू कुमार ने प्रदर्शन में शामिल व चिह्नित अभियंताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस देकर पूछा है कि कार्य बहिष्कार में क्यों शामिल हुए?
आंदोलन के दौरान बिल जमा काउंटर क्यों बंद रहे? सभी जिम्मेदार अभियंताओं ने काउंटर खुलवाने व राजस्व वसूली के संबंध में सार्थक प्रयास नहीं किया। नोटिस का सात दिन में जवाब देना है। ऐसा नहीं करने पर मान लिया जाएगा कि आपके पास कोई सार्थक जवाब नहीं है। ऐसी स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन अभियंताओं को मिला कारण बताओ नोटिस
गोरखपुर जोन -ई. बीके नौटियाल एसई ग्रामीण मंडल प्रथम, ई. आरके श्रीवास्तव एसई ग्रामीण मंडल द्वितीय, ई. ज्ञानचंद यादव एसई देवरिया वितरण मंडल, ई. राधेश्याम एसई कुशीनगर, ई. वीके चौधरी एक्सईएन वितरण खंड तृतीय, ई. अतुल रंघुवंशी एक्सईएन वितरण खंड द्वितीय, ई. अविनाश गौतम, एक्सईएन वितरण खंड चतुर्थ, ई. नवनीत प्रजापित एक्सईएन वितरण खंड प्रथम, ई. जयशंकर राय एक्सईएन वितरण खंड पडरौना, ई. रामसेवक राम एक्सईएन वितरण खंड देवरिया, ई. विपिन कुमार एक्सईएन महराजगंज।
स्थानीय अभियंताओं ने लिया कार्य बहिष्कार वापस
संघर्ष समिति की तरफ से चल रहा कार्य बहिष्कार शनिवार रात वापस ले लिया गया। कर्मचारी नेता ऐश्वर्य सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं की सेवा निगम का पहला उद्देश्य है। अपनी मांगों के संबंध में अभियंता और कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। शीर्ष प्रबंधन और ऊर्जा मंत्री के साथ वार्ता के बाद आंदोलन वापस लिया गया है।