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Gorakhpur: विवेचना लंबित रखने पर 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस, गोरखपुर पुलिस 2017 से कर रही जांच

Fri, 25 Nov 2022 01:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीधे तौर पर हैंगिंग नहीं लिखा है, यानी मौत का कारण हत्या या खुदकुशी के बीच उलझा हुआ है। वहीं, पुलिस की अब तक की जांच में बार-बार मामला खुदकुशी का आता है। यही वजह है कि जांच पूरी नहीं हो पा रही है। अब पुलिस को एक बार फिर से नए सिरे से जांच करने का आदेश पर एसएसपी ने जारी कर दिया है।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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कुशीनगर जिले के जटहां बाजार इलाके में हुई युवक की मौत की विवेचना में लापरवाही पर 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया गया है। इस सभी पुलिसकर्मियों ने पीपीगंज थानेदार रहते हुए कभी न कभी इस केस की विवेचना की है। वर्तमान में भी इस मामले की विवेचना जारी है। पूरे प्रकरण का हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। इसके बाद एसएसपी ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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जानकारी के मुताबिक, 23 जून 2017 को जटहां बाजार थाना क्षेत्र में बाजुपट्टी निवासी नगीना प्रसाद के 26 वर्षीय बेटे धर्मराज की पेड़ से लटकती लाश मिली थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया और जांच में खुदकुशी पाते हुए कुशीनगर पुलिस ने मामले में 20 सितंबर 2017 को फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी थी, लेकिन बाद में वादी ने आपत्ति करते हुए डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया था।

डीआईजी के आदेश पर विवेचना को फिर से शुरू करने के साथ ही गोरखपुर जिले के पीपीगंज पुलिस को सौंप दी गई। पीपीगंज पुलिस 13 नवंबर 2017 से ही विवेचना कर रही है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस बीच वादी मुकदमा ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार मानते हुए पूर्व में विवेचक रहे सभी को दोषी ठहरा दिया। इसके बाद एसपी नार्थ की रिपोर्ट पर एसएसपी ने सभी 10 विवेचकों को नोटिस जारी कर दिया।
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इनको जारी किया गया नोटिस

राज प्रकाश सिंह, सौरभ राय, देवेंद्र कुमार, अरुण पवार, दुर्गेश सिंह, धर्मेंद्र पांडेय, आशुतोष सिंह, दिनेश मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, सत्य प्रकाश सिंह को नोटिस जारी किया गया है।

यह फंसा है पेच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीधे तौर पर हैंगिंग नहीं लिखा है, यानी मौत का कारण हत्या या खुदकुशी के बीच उलझा हुआ है। वहीं, पुलिस की अब तक की जांच में बार-बार मामला खुदकुशी का आता है। यही वजह है कि जांच पूरी नहीं हो पा रही है। अब पुलिस को एक बार फिर से नए सिरे से जांच करने का आदेश पर एसएसपी ने जारी कर दिया है।

यह हुआ था
23 जून 2017 को नगीना के बेटे धर्मराज की खेत में पेड़ से लटकती लाश मिली थी। पुलिस ने तत्कालीन प्रधान सहित छह लोगों पर केस दर्ज किया था। कुशीनगर पुलिस ने जांच के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद ही गोरखपुर पुलिस को जांच सौंपी गई है।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 
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