ट्रेनों में लूटपाट करने वाला गिरोह रोहतक-मुजफ्फरपुर नहीं, बल्कि झारखंड का है। बीते जून माह में इस गैंग के पांच गुर्गे पकड़े गए तो उन्होंने जीआरपी को गुमराह करने के लिए पता रोहतक और मुजफ्फरपुर बता दिया था। जीआरपी के सत्यापन में यह पता फर्जी निकला। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि गिरोह झारखंड का है। अब इसके 36 गुर्गों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की तैयारी है।
जीआरपी ने बीते जून में इस गैंग में शामिल तीन पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। इनके पास से करीब पांच लाख रुपये के चोरी के आभूषण भी पकड़े गए थे। जीआरपी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए रोहतक और मुजफ्फरपुर में इनके बताए पते पर सत्यापन कराने पहुंंची तो पता चला कि सभी आरोपी झारखंड के महाराजपुरा गांव के निवासी हैं। पुलिस से पूछताछ में आरोपियों ने गलत पता बताया था।
जीआरपी प्रभारी ने बताया कि जून में पांच आरोपी पकड़े गए थे। इसमें शोभा पत्नी अमेले, निभा उर्फ निहाल पत्नी राहुल, राहुल मांझी, सुरेश मांझी व अमेले खरवार का नाम शामिल है। जुलाई में इस गैंग पर गैंगस्टर लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। तब पूछताछ में आरोपियों ने झूठ बोला था।
सही पते पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला है कि झारखंड के महाराजापुरा, मुगलसराय समेत कई थानों में राहुल, सुरेश और अमेले पर लूट के कई केस दर्ज हैं। सीडीआर और व्हाट्सएप मैसेज से पुलिस को जानकारी मिली कि इस गैंग में 36 गुर्गे हैं।
इस गैंग की पूरी जानकारी मिलने के बाद जीआरपी अलर्ट हो गई है। लखनऊ, गोरखपुर के रास्ते मुजफ्फरपुर जाने वाली हर ट्रेन में यात्रियों को पुलिस जागरूक कर रही है। ट्रेन के एसी और स्लीपर डब्बे में जाकर यात्रियों को पुलिस बता रही है कि अंजान या संदिग्ध महिला से सावधान रहें।
ये पहले आस-पास मंडराती हैं, फिर किसी महिला के पास जाकर बैठ जाती हैं। जैसे ही नींद लगती है, वे महिलाओं के गले और कान से सोने के आभूषण को कटर से काट लेती हैं और पर्स भी धीरे से उड़ा देती हैं।
पर्स या आभूषण लेकर ये दूसरे डब्बे में जाती हैं। वहां इनके गैंग के पुरुष सदस्य मिलते हैं, जिन्हें सारा माल सौंप देती हैं। पुरुष सदस्य पर्स या बैग को बाथरूम में ले जाकर उसमें से कीमती सामान निकाल लेते हैं। फिर बैग ट्रेन में ही छोड़ देते हैं। इसके बाद किसी भी स्टेशन पर उतर जाते हैं।
एचआईवी संक्रमित मिलीं तो जेल से छूट गईं महिलाएं
इधर जीआरपी द्वारा पांचों आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की गई है, उधर गैंग में शामिल महिलाएं शोभा और निभा उर्फ निहाल को कोर्ट से जमानत मिल गई। वे जेल से रिहा हो गई हैं। इसके बाद जीआरपी ने कार्रवाई तेज कर दी है, ताकि अन्य आरोपी जेल से न छूट पाएं। मेडिकल जांच में दोनों महिलाएं एचआईवी संक्रमित मिली थीं। इस वजह से उन्हें जल्द जमानत मिल गई है।