एम्स पुलिस ने सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य व रुद्रापुर निवासी राधेश्याम से ठगी करने वाले जालसाज छात्रनेता व उसके सहयोगी को मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जालसाजी का एक नया मामला सामने आया। दोनों ने मिलकर रुद्रापुर की एक महिला की भी जमीन फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री करा ली थी। महिला ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर इसकी शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है।
रुद्रापुर निवासी राधेश्याम ने अपनी जमीन का फर्जी बैनामा कराने का आरोप लगाते हुए सेडिका के पूर्व प्राचार्य जेके लाल और उनके बेटे पर केस दर्ज कराया था। इस मामले में रविवार को पुलिस ने सेडिका के पूर्व छात्र नेता व बलिया के खनवर निवासी जितेंद्र सिंह और उसके साथी एम्स के रुद्रापुर तकिया टोला निवासी श्यामदेव साहनी को गिरफ्तार किया।
दोनों काे पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया है। दोनों पर आरोप है कि अन्य साथियों संग मिलकर जालसाजी की साजिश रची थी। योजना में शामिल गिरजेश निषाद के ससुर को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसके लिए राधेश्याम के नाम का कूटरचित आधार कार्ड, पहचान पत्र तैयार कर प्रयोग किया गया।
पूर्व छात्रनेता के गिरोह ने रुद्रापुर के राधेश्याम के अलावा इसी गांव की एक महिला की जमीन भी फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री कराई थी। महिला काश्तकार से भी कुछ लोगों ने जमीन लेने के लिए संपर्क किया था। उसने जब बेचने से इंकार किया तो उसकी जगह दूसरी महिला की तस्वीर लगाकर जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री करा दी। पीड़ित महिला का कहना है 25 फरवरी 2022 को उसके नाम पर धोखाधड़ी हुई। इसकी जानकारी होने पर उसने गोरखनाथ मंदिर, एडीजी, एसएसपी, सीओ और एसओ को पत्र दिया। लेकिन उसके प्रकरण में कार्रवाई नहीं हो सकी है। महिला का कहना है कि यदि ठीक से जांच हो तो कई लोग सामने आएंगे।