बीआरडी में दोनों विभागों ने लगवाए बोर्ड, सूचनाएं सिर्फ पुलिस के पास आईं
एंबुलेंस-मरीज माफिया को लेकर पुलिस कर रही कार्रवाई तो दिखने लगा असर
सूचनाओं के आधार पर पुलिस को कामयाबी भी मिली, चार फरार की तलाश में दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस-मरीज माफिया का नेटवर्क तोड़ने के लिए दलालों की सक्रियता की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग ने अलग-अलग बोर्ड लगवाएं हैं। पुलिस के पास तीन दिनों में नौ शिकायतें आई हैं, जबकि स्वास्थ्य मकहमे के पास एक भी नहीं।
शायद इसके पीछे वजह यह है कि पुलिस अब कार्रवाई कर रही है। उधर, पुलिस फरार चार एंबुलेंस-मरीज माफिया की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। खबर है कि दर्ज केस में राहत पाने के लिए एंबुलेंस माफिया कोर्ट भी पहुंच चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज में छह मई को एक मरीज को प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की तो एक के बाद एक मामले सामने आने लगे। पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए आम लोगों से मदद मांगी। मेडिकल कॉलेज चौकी के पास और गेट पर बोर्ड लगवा दिए। बोर्ड पर एएसपी और पुलिस का नंबर दिया गया, ताकि लोग सीधे शिकायत कर सकें। इसका फायदा हुआ कि पुलिस के पास गोपनीय सूचनाएं आने लगीं।
तीन दिन में नौ सूचनाएं आने के बाद रात में गश्त बढ़ा दी गई। साथ ही एंबुलेंस वालों का एक बार में पांच हजार रुपये का चालान काटकर आर्थिक चोट पहुंचाया गया। इससे नाराज होकर एंबुलेंस-मरीज माफिया ने बीती नौ जुलाई की रात में पुलिस वालों पर हमला करते हुए गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था, लेकिन चार अन्य आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
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साहब... एक साल से दौड़ रहा हूं, फर्जी डॉक्टरों ने ली है जान
शुक्रवार को एसपी नार्थ के पास गुलरिहा इलाके के बांसस्थान का रहने वाला एक शख्स पहुंचा। उसने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी। एंबुलेंस वालों के बताने पर उन्होंने गुलरिहा के एक नर्सिंग होम में पत्नी को भर्ती कराया था। दर्द से पत्नी तड़पती रही, लेकिन उसे देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया। कुछ नए उम्र के लड़के थे, जिन्हें देखने से ही लग रहा था कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है। फिर बाहर लिखे गए एक नंबर पर संपर्क किया तो डॉक्टर ने पहले बताया कि वह कुशीनगर में हैं। फिर बताया भटहट में हैं। इन सब के बीच इलाज के अभाव में 23 मई 2022 को पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद भी जमीन बेचकर पैसा देना पड़ा। आरोपियों ने फंसाने की कोशिश की, बोला कि शव नहीं देंगे। इसके बाद रुपये दिए गए तो लाश मिली। एक साल से दौड़ रहा हूं। एसपी नार्थ ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से सुनने के बाद जांच के निर्देश दिए हैं। एसपी नार्थ ने बताया कि जांच के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
पुलिस के पास लोग नर्सिंग होम और एंबुलेंस वालों की मनमानी की शिकायतें कर रहे हैं। हाल के दिनों में पुलिस ने कई कार्रवाई भी की है। पुलिस जांच कर सभी मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है। फरार एंबुलेंस माफिया की तलाश में टीमें लगी हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
-मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ