रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा लिए गए बाबू पद के अभ्यर्थियों के लिए टाइपिंग बाध्यकारी होगा। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के उप निदेशक स्थापना (अराजपत्रित) संजय कुमार ने सभी क्षेत्रीय और उत्पादन इकाई के महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर निर्देश् दिया है।
अब रेलवे के दफ्तरों में विभागीय क्लर्क पद पर तैनाती के लिए अनफिट रेलकर्मियों को टाइपिंग की परीक्षा नहीं देनी होगी। रेलवे बोर्ड ने ऐसे रेलकर्मियों को टाइपिंग की परीक्षा देने से छूट दे दी है। इस नियम से पूर्वोत्तर रेलवे में करीब पांच सौ से ज्यादा रेलकर्मियो को फायदा मिलेगा।
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रेलवे में बहुत सारे ऐसे रेलकर्मी हैं जो अपने कार्यक्षेत्र में मेडिकली अनफिट हैं। मसलन, अगर कोई लोको पायलट है और उसकी आंख में दोष है। मेडिकल जांच में डॉक्टर ने उसे अनफिट कर दिया है, जिसके बाद उस रेलकर्मी को मेडिकली डिकैटेगेराईज्ड कर्मचारियों की सूची में डाल दिया गया है। ऐसे रेलकर्मी को मिनिस्ट्रीयल कैडर आवंटित करते समय टाइपिंग परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी।
हालांकि, रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा लिए गए बाबू पद के अभ्यर्थियों के लिए टाइपिंग बाध्यकारी होगा। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के उप निदेशक स्थापना (अराजपत्रित) संजय कुमार ने सभी क्षेत्रीय और उत्पादन इकाई के महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर निर्देश् दिया है।
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इसमें कहा गया है कि नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय एवं प्रवक्ता एके सिंह ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अनफिट कम्रचारियों के लिए भविष्य में वेतन वृद्धि के लिए भी परीक्षा पास करना जरूरी था। इस नियम से रेलकर्मियों को सहूलियत मिलेगी।