पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के केंद्रीय कार्यालय पर कर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताकर प्रदर्शन किया और विरोध दिवस मनाया। उन्होंने रेलवे के निजीकरण, निगमीकरण, श्रमिक कानूनों में बदलाव, सार्वजनिक उपक्रमों में पदों की व्यापक पैमाने पर कटौती के विरोध में नारे लगाए और इसे वापस लेने की मांग की।
महामंत्री विनोद राय एवं प्रवक्ता एके सिंह ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से कॉरपोरेट घरानों के हाथों में है। देश के सरकारी कल-कारखाने जब नहीं रहेंगे तो स्थाई रोजगार भी नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि श्रम कानून में बदलाव करके कर्मचारी हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
प्रदर्शन में आरपी भट्ट, डी के तिवारी, देवेंद्र यादव, मनोज द्विवेदी, रामकृपाल शर्मा, दीपक चौधरी, बीपी मिश्र, कुलदीप मणि, राजीव सिंह, सत्यांशु सिंह, जेपी सिंह, रोहित शुक्ला आसिफ मेकरानी, ओपी सिंह, बीर बहादुर, अवध बिहारी पांडेय, एसके सिंह आदि उपस्थित रहे।