पूर्वोत्तर रेलवे की यूनियनों ने शुरू किया विरोध।
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रेलवे में निजीकरण, निगमीकरण, न्यू पेंशन स्कीम आदि के विरोध में मान्यता प्राप्त संगठनों के आह्वान पर पूर्वोत्तर रेलवे की यूनियनों ने बृहस्पतिवार को विरोध सप्ताह शुरू किया। पहले दिन एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने रेलवे स्टेशन पर जुलूस निकाला तो वहीं पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने केंद्रीय कार्यालय पर परिचर्चा कर विरोध जताया।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने सुबह असुरन चौराहा स्थित जयप्रकाश की प्रतिमा पर जाकर आंदोलन का शुभारंभ किया। दोपहर बाद रेलवे स्टेशन पर जुटे और जुलूस निकाला। महामंत्री केएल गुप्ता ने कहा कि रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय की ओर से आए दिन मजदूर विरोधी तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है।
इसका प्रभाव रेलकर्मियों के साथ यात्रियों पर भी पड़ रहा है। इसका उदाहरण तेजस ट्रेन है। महामंत्री ने कहा कि रेलवे के विभिन्न विभागों को मर्ज कर सरकार निजीकरण के जरिए साहूकारों को बेचना चाहती है। इससे रेल ही नहीं राष्ट्र का स्वरूप भी बदल जाएगा। कार्यक्रम में मेडिकल शाखा, रनिंग स्टॉफ, इंजीनियरिंग शाखा के कर्मचारियों ने भाग लिया।
मूकदर्शक बने रहे तो बर्बाद हो जाएगा रेलवे : विनोद
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के केंद्रीय कार्यालय पर परिचर्चा हुई। इसमें पदाधिकारियों ने निजीकरण, निगमीकरण को रेलवे के आधारभूत संरचना को नष्ट करने वाला कदम बताया।
अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष माधव प्रसाद शर्मा ने कहा कि बोर्ड का पुनर्गठन रेलवे के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गलत कदमों का विरोध किया जाए।
मुख्य वक्ता महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि रेलवे की मजबूत आधारभूत संरचना को आघात पहुंचाने की सुनियोजित साजिश हो रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण रेल मजदूर संघों को मान्यता प्रदान करने के लिए होने वाले चुनाव को बार-बार टालना है। अगर रेलवे के कर्मचारी वर्तमान माहौल में भी मूकदर्शक बने रहे तो भविष्य बर्बाद होने से कोई रोक नहीं सकता।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ के पूर्वोत्तर रेलवे के जोनल मंत्री विनय कुमार शर्मा ने कहा कि भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम के साथ प्रयोग नहीं किया जा सकता है। किसी भी बहुमत वाली सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह देश के सबसे अधिक जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग को बर्बाद करे।
संचालन करते हुए प्रवक्ता एके सिंह ने पूंजीपतियों का एहसान चुकाने के लिए केंद्र सरकार रेलवे को बेचने पर तुली है। गोष्ठी में कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, ओपी सिंह, राजेश सिंह, मनोज मिश्रा, सत्यांशु सिंह, अजीत कुमार, विजय राय, विक्रम, अजीत कुमार, जितेंद्र कुमार, डीके तिवारी आदि उपस्थित थे।