विरोध प्रदर्शन करते पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के लोग।
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श्रमिक कानूनों में किए जा रहे बदलाव, रेलवे के निजीकरण आदि के विरोध में आंदोलित पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ की सभा मंगलवार को डीजल लॉबी के सामने हुई। सभा के बाद जुलूस निकाला गया। जिसमें शामिल रेलवे के विभिन्न शाखाओं के कर्मचारियों ने नारेबाजी कर आंदोलन को समर्थन दिया।
महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि जबसे एनडीए की सरकार बनी है, अधिकारियों के तेवर बदल गए हैं। उनका बर्ताव तानाशाहों वाला हो गया है। रेलवे अधिकारियों की अकर्मण्यता और उदासीनता के कारण व्यापक पैमाने पर कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ के जोनल अध्यक्ष जय नारायण शाह ने कहा कि श्रमिक कानूनों में बदलाव कर सरकारी कर्मचारियों का मजदूर बना दिया जाएगा।
आवश्यकता पड़ेगी तो रखेंगे और काम होते ही निकाल बाहर कर दिया जाएगा। पीआरकेएस के प्रवक्ता एके सिंह ने आठ जनवरी को सेंट्रल ट्रेड यूनियन के भारत बंद के पुरजोर समर्थन की बात कही। जुलूस में देवेंद्र यादव, मनोज द्विवेदी, हेमंत सिंह, जेपी सिंह, अंशुमान पाठक, देवेश सिंह, विक्रम, हेमंत कुमार आदि शामिल रहे।