पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला। (फाइल फोटो)
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पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ला के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट, राहुल दूबे ने कई वर्ष पुराने मामले में गैर जमानती वारंट व कुर्की का नोटिस जारी किया है।
खजनी के रूद्रपुर निवासी एवं राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ला के खिलाफ जारी आदेश मारपीट व डकैती के एक मामले में वर्ष 1986 से न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण है। कोर्ट का आदेश 20 अक्तूबर का है। इस मामले में भाजपा नेता या फिर उनके अधिवक्ता को 30 अक्तूबर तक अपना जवाब दाखिल करना है।
मारपीट व डकैती का यह मामला गोरखपुर के थाना कोतवाली में वर्ष 1975 में दर्ज किया गया था। मामले का कानूनन समयबद्ध सीमा के अंदर निस्तारण होना होता है लेकिन आरोपित के न्यायालय में समक्ष उपस्थित नहीं होने से मामले का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में संबंधित थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट द्वारा जारी किया गया वारंट और नोटिस फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है।
बताया जाता है कि उक्त मामला करीब 45 वर्ष पूर्व उस समय का है, जब शिव प्रताप शुक्ला छात्र राजनीति में सक्रिय थे। उस दौरान उन्होंने जमानत कराई थी। इस सिलसिले में भाजपा सांसद शिव प्रताप का कहना है कि अभी जानकारी नहीं है। छात्र राजनीति के समय का मामला है। कभी नोटिस नहीं मिला था।