स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 को लेकर नगर निगम तैयारियां शुरू कर दीं हैं। शहर से गीला व सूखा कचरा प्रबंधन को लेकर निगम ने स्वच्छ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी चैलेंज को लेकर आवेदन मांगे हैं। साथ ही स्वच्छता प्रबंधन को लेकर किसी भी व्यक्ति, एनजीओ, संस्था या अन्य से स्वच्छता टेक्नोलॉजी चैलेंज प्रतियोगिता में विचार मांगा है।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के नोडल अधिकारी डॉ मणि भूषण तिवारी ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के अन्तर्गत स्वच्छता टेक्नोलॉजी चैलेंज के तहत नगर में रहने वाले आम लोग भी कुछ विषयों पर विचार भेज कर प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को तीन बिन्दुओं पर 50-50 शब्द में जवाब देना है।
पहला, स्वच्छ पड़ोस यानी उनका पड़ोस कितना साफ एवं स्वच्छ है? दूसरा, स्वास्थ्य यानी आपके शहर में स्वास्थ्य सेवाएं कैसी हैं? तीसरा आजीविका यानी आपके शहर में आजीविका साधनों की स्थिति क्या है? इन सभी पर 50 शब्दों में अपने-अपने विचार भेजने हैं। इसके अतिरिक्त वायु प्रदूषण और उद्योग के साथ स्टार्टअप शासन में नागरिक जुड़ाव और लिंग विशिष्ट पहल विषय पर भी आप अपने विचार भेज सकते हैं।
प्रत्येक विषय की शब्द सीमा 50 ही रहेगी एवं विचार भेजने की अंतिम तिथि तीन दिसंबर रखी गई। प्रतिभागी प्रतियोगिता में अपने विचार नगर निगम गोरखपुर की वेबसाइट पर भेज सकते हैं। प्रथम पुरस्कार पाने वाले प्रतियोगियों के विचार केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।