उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की पुलिस लाइन में दंगे से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान कई दरोगा पिस्टल ही नहीं खोल पाए, वहीं जो खोल लिए वह पिस्टल में गोली नहीं भर पाए। पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में अपने आप को फेल होते देख इन पुलिसवालों की पसीने छूटने लगे।
वहीं कई बार सिख देने के बाद भी परीक्षा में असफल हुए दरोगा को पुलिस अधीक्षक ने दोबारा ट्रेनिंग लेने की नसीहत दी। जानकारी के मुताबिक, जिला इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे होने के चलते कई असफल पुलिसवालों की तैनाती सीमावर्ती थानों पर भी है।
मॉक ड्रिल में पुलिसवालों के आसपास खड़े पुलिस अधीक्षक ने कई जिम्मेदारों को सिख देने की कोशिश की। लेकिन वह काफी मशक्कत के बाद भी परीक्षा में फेल रहे। उसके बाद पुलिस अधीक्षक ने फरेंदा के थानेदार गिरिजेश उपाध्याय की परीक्षा ली। इस दौरान वह थोड़ी कोशिश करने के बाद सफल हो गए।
इसी दौरान सीमावर्ती क्षेत्र के एक थानेदार से पुलिस अधीक्षक ने 45 डिग्री पर टीयर गन चलाने को कहा। हुक्म पाते ही थानेदार टीयर गन लेकर तैयार तो हो गए। लेकिन वह 45 डिग्री व 90 डिग्री में कोई फर्क नहीं समझ पाए। काफी देर तक खड़े रहते देख पास में खड़े एक थानेदार ने उनकी मदद की तो वह टीयर गन चला पाए।