शादी-तिलक जैसे मांगलिक आयोजन अगर घर से कर रहे हैं तो आपको को किसी की भी अनुमति की जरूरत नहीं है। सिर्फ मैरेज हॉल, होटल या लॉज आदि में ऐसे आयोजन करने की दशा में ही जिला प्रशासन की अनुमति जरूरी है। दोनों ही स्थिति में सिर्फ इतना ध्यान रखना होगा कि वर और वधू, दोनों ही पक्षों को मिलाकर संख्या 50 से अधिक न हो।
राज्य सरकार के साथ ही स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किए जाने के बाद भी तिलक और शादी जैसे मांगलिक कार्यक्रमों की अनुमति के लिए रोजाना तमाम लोग कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। इनमें कई ऐसे हैं जिन्हें अपने घर या बगल के खाली मैदान में शादी या तिलक का आयोजन करना है।
आलम यह है कि एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह के समझाने पर भी लोग अनुरोध कर रहे हैं कि घर से शादी के लिए भी उन्हें अनुमति दे दी जाए। तसल्ली के लिए एडीएम भी ऐसे लोगों के आवेदन पर अलाऊ यानी अनुमति लिख दे रहे हैं।