गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की देर रात गोरखनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। साथ ही व्यवस्थापकों से कहा कि मंदिर के गर्भगृह में किसी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं मिलेगा। मुख्य गेट से एंट्री होगी लेकिन मंदिर परिसर से बाहर निकलने के लिए यज्ञशाला गेट का इस्तेमाल किया जाए। मंदिर के दोनों मुख्य द्वार पर सैनिटाइजर टनल बनाया गया है। हर श्रद्धालु को इस टनल से होकर गुजरना पड़ेगा।
एक साथ पांच से ज्यादा श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। जो लोग आएंगे, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। परिसर स्थित हर मंदिर के पास सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं का हाथ सैनिटाइज कराए जाएं।
दो दिवसीय (7-8 जून) दौरे पर आए गोरक्षपीठाधीश्वर देर रात मंदिर परिसर के अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया। मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन की वजह से जो गेट टूटा है, उसे भी देखा। साथ ही मंदिर के व्यवस्थापकों से कहा कि कोरोना वायरस की चुनौती से निपटना है। कोविड-19 के जो भी मानक हैं, उसका हर हाल में पालन कराया जाए।
श्रद्धालु एक दूसरे से दूरी बनाकर ही पूजा-पाठ करेंगे। पुजारी किसी को टीका नहीं लगाएंगे। फूल-माला और प्रसाद मंदिर के भीतर नहीं जाएगा। जो श्रद्धालु प्रसाद लाएंगे, उन्हें एक टोकरी में रखवाया जाएगा। मंदिर के पुजारी अपने तरीके से फूल-माला व प्रसाद चढ़ाएंगे। किसी श्रद्धालु को प्रसाद भी नहीं दिया जाएगा।