गोरखपुर। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत बच्चों को किताबी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए परिषदीय विद्यालयों में शनिवार से बैगलेस डे शुरू हो गया। बच्चों के कंधों पर बैग नहीं थे। हाथों में रंग और योग की विभिन्न मुद्राएं दिखीं। बैगलेस डे बच्चों की प्रतिभा निखरी हुई दिखी।
पहले दिन अलग-अलग विद्यालयों में बच्चों की रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियां कराई गईं। कहीं विद्यार्थियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया तो किसी विद्यालय में बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कागज पर उतारा। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रावत पाठशाला में बच्चों ने सुबह योग करके दिन की शुरुआत की। बच्चों ने तिरंगा भी बनाया।
श्री भगवती प्रसाद कन्या विद्यालय में छात्राओं ने पेंटिंग, कला एवं शिल्प जैसी गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों को गतिविधियों के माध्यम से सीखने, अपनी प्रतिभा पहचानने और समूह में काम करने के लिए प्रेरित किया। योग सत्र में विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन और उनके महत्व की जानकारी दी गई।
आयोजित होंगी यह गतिविधियां
शैक्षिक सत्र 2026-27 में 10 बैगलेस दिवस आयोजित किए जाने हैं। इसके लिए गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया गया है। पहले चरण में मिट्टी से खिलौने, मूर्ति एवं कलाकृति निर्माण, स्थानीय शिल्पकारों के साथ कार्यशाला और कला-शिल्प प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों पर जोर दिया गया है। आगे के बैगलेस दिवसों में पौधरोपण, किचन गार्डन, जल संरक्षण, विज्ञान मॉडल, डिजिटल साक्षरता, कला, फोटोग्राफी, एआई और कोडिंग जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी।
कोट-
बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर सीखने का अवसर देना है। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, कौशल और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित होगी। स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और विशेषज्ञों को भी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
- धीरेंद्र त्रिपाठी, बीएसए