निषाद पार्टी के बगावती तेवर को वजह जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस सीट से सपा विधायक का निधन हो चुका है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद चाहते हैं कि इस सीट से पार्टी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। वह जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। इसी सिलसिले में भाजपा नेतृत्व से मिले भी थे, लेकिन बात नहीं बनी। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मल्हनी सीट से निषाद पार्टी के प्रत्याशी को दूसरा स्थान मिला था, इसलिए पार्टी उपचुनाव में सीट पर दावेदारी ठोंक रही है।
निषाद वोटरों में अच्छी पकड़
गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र में ही करीब तीन लाख निषाद मतदाता हैं। बांसगांव, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर में भी निषाद वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, बलिया में भी निषाद मतदाताओं की संख्या अच्छी है। इन मतदाताओं में निषाद पार्टी की अच्छी पकड़ है। 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। उन्हें 33 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में निषाद पार्टी से गठबंधन का भाजपा को बड़ा फायदा मिला था।
डॉ. संजय निषाद के बड़े बेटे प्रवीण भाजपा से सांसद
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बड़े बेटे प्रवीण निषाद संतकबीरनगर से भाजपा सांसद हैं। भाजपा व निषाद पार्टी के बीच गठबंधन हुआ तो प्रवीण ने भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ा था। जीतकर संसद भी पहुंचे थे। इससे पहले प्रवीण निषाद ने 2017 का गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव जीता था। तब प्रवीण निषाद सपा में थे।
पहले से तैयार है भाजपा, जयप्रकाश को राज्यसभा भेजना रणनीति का हिस्सा
निषाद पार्टी से समझौते के बाद भी भाजपा बेहद सतर्क है। भाजपा नेताओं को पता है कि डॉ संजय निषाद अलग-अलग राजनीतिक दलों से गठबंधन कर चुके हैं। इसी रणनीति के तहत ही जयप्रकाश निषाद को राज्यसभा उपचुनाव में टिकट दिया गया। वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। जय प्रकाश निषाद को भी निषाद समाज का बड़ा नेता माना जाता है। वह चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी थे। बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि 2022 के चुनाव से पहले डॉ. संजय निषाद दूसरी पार्टी के पास जाते हैं तो जयप्रकाश निषाद के रूप में भाजपा के पास बड़ा चेहरा होगा।