एनएचएआई.. गड़बड़ी हुई तो अब बाबू नहीं अफसर ही जिम्मेदार
सीबीआई छापा का असर..एनएचआई ने देश के सभी ऑफिसों को भेजी नई गाइडलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में अब अगर एनओसी या किसी अन्य फाइल को लेकर गड़बड़ी मिली तो उसकी सारी जवाबदेही अफसरों की होगी। अब वे बाबुओं की कमी का हवाला देकर नहीं बच सकेंगे। दिल्ली मुख्यालय से ये गाइडलाइन एनएचएआई के देश भर के ऑफिसों में भेजी गई है।
सीबीआई ने बुधवार को रिश्वत मांगने के आरोप में गोरखपुर परियोजना निदेशक के निजी सहायक एवं तकनीकी प्रबंधक विजेंद्र सिंह और बनारस ऑफिस से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पता चला कि ये लोग फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगा करते थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई मुख्यालय नए आदेश जारी कर जवाबदेही तय कर दी है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने बताया कि नई गाइडलाइन आई है। अब पेट्रोल पंप या अन्य की एनओसी फाइलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग अधिकारी करेंगे। वहीं वर्तमान में 27 फाइलें लंबित थीं, जिनका निस्तारण कर दिया गया है। अब उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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50 हजार रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया था विजेंद्र
बुधवार की दोपहर तीन बजे के बाद एनएचएआई के तारामंडल स्थित कार्यालय पर पहुंची सीबीआई की टीम ने पीडी के निजी सहायक विजेंद्र को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। उसके सहारा स्टेट स्थित किराए के आवास पर जांच के बाद सीबीआई ने एक डॉयरी को कब्जे में लिया। वहां करीब साढ़े तीन लाख रुपये नकदी बरामद हुई। बृहस्पतिवार की सुबह विजेंद्र को हिरासत में लेकर सीबीआई की टीम लखनऊ चली गई। उसके खिलाफ शिकायतकर्ता से एनओसी देने के बदले रुपये लेने के आरोप में सीबीआई ने केस दर्ज किया।