रामगढ़ताल वेट लैंड के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई 28 फरवरी को होगी। इस दौरान रामगढ़ताल क्षेत्र के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले करीब 10 हजार घरों के भविष्य का फैसला होगा। प्राधिकरण की तरफ से कराए गए सर्वे में इस दायरे में जीडीए के ही करीब 5 हजार आवास आए हैं।
बता दें कि एनजीटी की तरफ से गठित हाई पावर कमेटी ने ताल के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाली सभी निर्माणों को ध्वस्त करने की संस्तुति की थी। कमेटी की रिपोर्ट को ट्रिब्यूनल ने स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख तय कर दी। उधर, एनजीटी की हाई पावर कमेटी से मिले झटके के बाद जीडीए ने एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस के लिए अब तेजी दिखानी शुरू कर दी है।
निर्माण के वर्षों बाद कांशीराम आवासीय योजना का भी ईसी लेने की कवायद शुरू कर दी गई है। देवरिया बाईपास स्थित लोहिया एन्क्लेव का ईसी हासिल करने के लिए आवेदन करने के बाद अब अन्य योजनाओं के लिए भी कंसलटेंट की तलाश शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण, तारामंडल क्षेत्र की वसुंधरा एन्क्लेव आवासीय योजना, लेक व्यू अपार्टमेंट योजना, कांशीराम आवासीय योजना, राप्तीनगर विस्तार योजना में प्रधानमंत्री आवासीय योजना एवं पत्रकारपुरम योजना के लिए भी ईसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने में भी जुट गया है।