पूर्वोत्तर रेलवे में सहायक लोको पायलट (एएलपी) पद पर नियुक्ति के लिए दो वर्ष से भटक रहे 548 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें एनएफ (नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर) रेलवे और वेस्टर्न रेलवे में नियुक्ति दी जाएगी। रेलवे बोर्ड की पहल पर दोनों जोनल रेलवे में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दरअसल, वर्ष 2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर की ओर से पूर्वोत्तर रेलवे के लिए 1589 सहायक लोको पायलट की भर्ती के लिए रिक्तियां निकाली गईं, जबकि स्वीकृत पद 1041 ही थे। तीन स्तर पर परीक्षा हुई। मेडिकल और दस्तावेजों की जांच करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई। बाद में पता चला कि जितनी लिस्ट जारी हुई है, उतने पद ही नहीं हैं।
इस मामले में कार्मिक विभाग और संबंधित मंडलों के कर्मियों की चूक सामने आई है। मामले में संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरप्लस हुए अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए रेलवे बोर्ड से मदद मांगी गई थी। रेलवे बोर्ड ने दो जून को सभी जोनल रेलवे को पत्र लिखकर उनके यहां सहायक लोको पायलट की भर्ती के लिए रिक्त पदों की सूची मांगी थी।
एनएफ में 69 व वेस्टर्न रेलवे में 479 का समायोजन
सरप्लस 548 अभ्यर्थियों में एनएफ रेलवे में 69 तथा वेस्टर्न रेलवे में 479 का समायोजन किया गया है। कुल 1589 का पैनल था, जिसमें एनईआर में 1041 की भर्ती कर ली गई। वाराणसी में 515, लखनऊ में 297, इज्जतनगर में 229 अभ्यर्थी तैनात किए गए।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 1041 सहायक लोको पायलट को एनईआर में तथा शेष 548 को एनएफ रेलवे और वेस्टर्न रेलवे में समायोजित किया गया है। महाप्रबंधक के प्रयास से ही यह संभव हो सका है।