घर पर सामान रखने के बाद प्रधान के बेटे पहुंचे और स्कूल में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में ले गए, लेकिन लाइट की व्यवस्था नहीं होने के कारण इसमें रहने से युवक ने इनकार कर दिया तो गांव के समीप एक सरकारी भवन में रखा गया। इसमें पांच और लोग क्वारंटीन थे। तबीयत बिगड़ने पर 23 मई को भाटपाररानी में सैंपल लिया गया जो जांच में पॉजिटिव पाया गया है।
भाटपाररानी के बहियारी बघेल गांव का 52 वर्षीय व्यक्ति हरियाणा के गुड़गांव में काम करता है। बिहार के तीन लोगों के साथ कार से फुलवरिया चौराहे पर 23 मई को उतरा। इसे छोड़ने के बाद तीनों लोग बिहार चले गए और यह शख्स बीआरडी कॉलेज भाटपाररानी के क्वारंटीन सेंटर चला गया।
संदेह के आधार पर इसका सैंपल लिया गया, जो जांच में संक्रमित निकला है। क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले साथियों को चिह्नित किया जा रहा है। इनके भी सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि तीन संक्रमित मिले हैं। इनको कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया गया है। दो लोग अपने घर चले गए थे। इनके परिवार के लोगों की भी जांच कराई जाएगी।
महानगरों से आए 95 कोरोना संदिग्धों के सैंपल बृहस्पतिवार को जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए। जिला अस्पताल के बुखार डेस्क पर 314 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। 15 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के बाद जांच में तेजी लाई गई है।
जिला अस्पताल और सलेमपुर, भाटपाररानी, बरहज, रुद्रपुर, पथरदेवा और तरकुलवा में बनाए गए सैंपल कलेक्शन पर 95 लोगों के सैंपल जांच के लिए लिए गए। दोपहर में तीन कोरोना पॉजिटिव के साथ 15 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिला अस्पताल पहुंचे 314 प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि 95 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
जिला मुख्यालय पर बनाए गए मेडिकल क्वारंटीन सेंटर पर समय से भोजन नहीं पहुंच रहा है। बुधवार की रात 10 बजे के बाद भोजन पहुंचा। क्वारंटीन में मौजूद कोरोना संदिग्धों ने नाराजगी जाहिर की। समय से भोजन पहुंचाने की जिम्मेदार सदर तहसीलदार को है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण भोजन समय से नहीं पहुंच रहा है।
कोरोना पॉजिटिव तीन और लोग स्वस्थ होकर बृहस्पतिवार को घर पहुंच गए। ऐसे में स्वस्थ लोगों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। जिले में अब एक्टिव केस 53 बचे हैं। जिनका इलाज चल रहा है। जबकि अब तक एक की मौत मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हो चुकी है।
सूरजपुर के युवक की दुबई में मौत
सूरजपुर गांव के रहने वाले एक युवक की दुबई में मौत हो गई। वह एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा था। कई दिनों से बीमार होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 20 तारीख को उसकी मौत हो गई। मृत्यु की रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमण की पुष्टि की है। परिवार के लोगों ने अनुसार वह एक साल पहले संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में कमाने गया था।
लॉकडाउन के दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इलाज चल रहा था। 20 मई को इलाज के दौरान हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों को युवक के मरने की खबर घटना के एक सप्ताह बाद लगी। कोरोना पॉजिटिव होने के कारण उसका अंतिम संस्कार दुबई में ही किया जाएगा।