पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान स्थली फांसी घर का दर्शन, माल्यार्पण करते नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र सोमनाथ बोस।
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आजादी आंदोलन के अगुआ पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की मंडलीय जेल स्थित बलिदान स्थली क्रांति वीरों का तीर्थ है और राष्ट्र मंदिर का प्रतीक है। देश के गद्दारों ने फिरंगियों से मिलकर छल, धोखा और षड्यंत्र रचा, जिसके कारण भारत गुलाम हुआ। ये विचार नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र एवं नमो सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष दादा सोमनाथ बोस ने व्यक्त किए।
वह शुक्रवार को गुरूकृपा संस्थान की ओर से आयोजित हो रहे पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला एवं खेल महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। शहीद स्थल जाकर उन्होंने बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर फांसी घर, काल कोठरी और बिस्मिल गैलरी को देखा।
इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी, जेलर प्रेम सागर शुक्ला, डिप्टी जेलर बृजेश पांडेय, गुरू कृपा संस्थान के बृजेश राम त्रिपाठी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश प्रभारीमहेश पाल सिंह, अभिषेक सिंह, सूरज सिंह, प्रेमनाथ सिंह, अभिनव सिंह, नमो सेना भारत के राष्ट्रीय सचिव काजी अरमान, प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद पांडेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष अंजनी मिश्रा आदि मौजूद रहे।