नेपाली सीमा इमलीहवा में नेपाल सशस्त्र पुलिस ने अपना बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) स्थापित कर लिया है। यहां 35 जवान ड्यूटी करेंगे और पगडंडियों पर नजर रखेंगे। भारतीय सीमा के भगवानपुर, सेवतरी और श्यामकाट क्षेत्र से आने वालों पर नेपाल सशस्त्र पुलिस की नजर रहेगी।
इसी तरह नेपाल ने भारत और चीन से सटी सीमा पर 114 बीओपी बनाने का निर्णय लिया है। सशस्त्र पुलिस बल नेपाल ने सीमा सुरक्षा का प्रबंधन करने के लिए रूपेनदेही जिले के रोहिणी ग्राम नगर पालिका -5, इमलीहवा (बुची) में बीओपी स्थापित किया है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले में पड़ने वाली सीमा पर जिला प्रशासन को 25 बीओपी बनवाना है। उनमें पांच बीओपी पजरकट्टी, डांडा, मझगावा, बोगड़ी और बाराघाट में स्थापित हो चुके हैं। सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के प्रमुख तेज कुमार पोखरेल ने कहा कि तीन महीने के भीतर सिसहवा, थर्की, पंचवेयर और थुमुवा में बीओपी स्थापित किए जाएंगे।
पोखरेल ने कहा कि बीओपी की स्थापना के लिए भूमि तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों ने स्थानीय नागरिक अमरेश कुमार सिंह के घर को किराए पर लेकर इमलीहवा (बुची) में एक बीओपी स्थापित किया है।
एक माह पूर्व मंत्री परिषद की एक बैठक में नेपाल-भारत और नेपाल-चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में 114 सशस्त्र बीओपी स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। उसी निर्णय के आधार पर जिला सुरक्षा समिति रूपनदेही की बैठक के पहले चरण में जिले के पांच आवश्यक स्थानों पर बीओपी स्थापित करने का निर्णय लिया था। यह सरकार और जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के आधार पर इमलीहवा में स्थापित होने वाला पहला बीओपी है।