चालक व खलासी के शव को एंबुलेंस से भेजते प्रशासनिक अधिकारी
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चालक मुर्तजा और खलासी रामजीत का शव शनिवार की देर रात 11 बजे गोरखपुर आया। शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। खलासी का परिवार भी चालक मुर्तजा के घर पिपराइच के तुरवा बजार में शव का इंतजार कर रहा था। शव आने के बाद खलासी का शव लेकर परिजन अहिरौली (कुशीनगर) के लिए रात में ही रवाना हो गए। मुर्तजा के बेटे ने बताया कि रात में ही शव को सुपुर्दे खाक किया जाएगा। वहीं, रामजीत के शव का रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
नेपाल में शुक्रवार को हुए बस हादसे में 27 तीर्थ यात्रियों के साथ ही बस के चालक मुर्तजा और खलासी रामजीत की मौत हो गई थी। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद सोनौली बार्डर पर चालक और खलासी का शव नेपाल के अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों को सौंपा। वहां से रात में 8.15 बजे मुर्तजा तो 8.30 बजे रामजीत का कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दो अलग-अलग एंबुलेंस में रखकर रवाना किया गया। मुर्तजा के शव को आजाद और रामजीत के शव को भीमल ने रिसीव किया। मुतर्जा के दोनों बेटे और रिश्तेदार भी साथ रहे।
उधर, कुशीनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र के हासखोर गांव निवासी रामजीत के परिजन आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर शव लेने नेपाल नहीं जा पाए थे। परिवार के लोग मुर्जता के घर तुरवा बाजार पहुंच गए थे। शव पहुंचने के बाद दूसरे एंबुलेंस से रामजीत का शव लेकर पिपराइच के रास्ते कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के हासखोर गांव के लिए निकल गए। शव को पहुंचाने में दिक्कत न हो इसकी जिम्मेदारी पुलिस को सौंपी गई थी। रास्ते में सभी थानों को अलर्ट किया गया था जिससे एंबुलेंस को कहीं जाम में न फंसना पड़े।