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Gorakhpur News: इलाज में लापरवाही...तीन और मरीजों की हालत गंभीर, निकालनी पड़ेगी आंख

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गोरखपुर। सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में बीते एक फरवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन में लापरवाही के बाद मरीजों में संक्रमण से नुकसान बढ़ता जा रहा है। अब तक कुल तीन मरीजों की आंख निकाली जा चुकी है। एक की रोशनी भी चली गई है। वहीं, तीन मरीजों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इनकी भी आंख निकालनी पड़ सकती है।
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जानकारी के अनुसार, अस्पताल में 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद 11 मरीजों की आंख में गंभीर संक्रमण का मामला सामने आया। इसमें पांच का इलाज लखनऊ पीजीआई और तीन का एम्स दिल्ली में चल रहा है। इसमें बारीगांव की देवराजी देवी की आंख एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने शुक्रवार को निकाल दी थी। वहीं, इन्नाडीह के अर्जुन सिंह की बाईं आंख की रोशनी चली गई है। सिकरीगंज क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी रामदरश को तीन फरवरी को एम्स, दिल्ली ले जाया गया। वहां छठवें दिन सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने रविवार को बाईं आंख निकाल दी थी।
इन्नाडीह के दो सगे भाई 80 वर्षीय अर्जुन सिंह और 70 वर्षीय राजेंद्र सिंह की बाईं आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। छोटे भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि दूसरे दिन दोनों की आंख में दर्द, मवाद और उल्टी होने लगी। राजेंद्र सिंह को पीजीआई लखनऊ और अर्जुन सिंह को एम्स दिल्ली ले जाया गया। राजेंद्र का उपचार करने के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने 12 फरवरी को दोबारा बुलाया है। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं अर्जुन सिंह के बारे में डॉक्टरों ने बताया कि उनकी आंख की रोशनी चली गई है। रिपोर्ट आने के बाद आंख निकालने का निर्णय लिया जाएगा।
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आंख में बढ़ रहा संक्रमण
हरपुर क्षेत्र के रामपुर गरथौली लरबरी निवासी मीरा देवी का इलाज एम्स, दिल्ली में चल रहा है। इनके बेटे बुद्धिराम ने बताया कि आंख में संक्रमण बढ़ता जा रहा है। यहां के डॉक्टर रिपोर्ट आने के बाद कभी भी आंख निकाल सकते हैं। वहां ऑपरेशन न कराए होते तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। वहीं, उरुवा क्षेत्र के उसरी खास निवासी जयराम का इलाज गोरखपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। इनके बेटे अरविंद ने बताया कि पिता के आंख की रोशनी जा चुकी है। डाॅक्टरों ने कहा है कि संक्रमण फैलने पर आंख निकालनी पड़ेगी।
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वर्जन
मामले की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाएगी। इसके बाद अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके चौधरी, डिप्टी सीएमओ
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