पूर्वांचल में आईटी और इलेक्ट्रानिक्स की वर्तमान स्थिति को बेहतर करने की जरूरत : प्रो एमएम त्रिपाठी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के नियोजन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मेगा सेमिनार सह वेबिनार में सेवा क्षेत्र तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. एमएम त्रिपाठी रहे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वांचल में आईटी और इलेक्ट्रानिक्स की वर्तमान स्थिति को और भी बेहतर करने की जरूरत है। युवा कौशल को प्रोत्सोहित करने के लिए पूर्वांचल में इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, 5जी कम्युनिकेशन जैसे बदलाव लाए जा सकते हैं। इससे युवा पीढ़ी आकर्षित होंगी और युवाओं का रूझान पूर्वांचल की तरफ बढ़ेगा। कहा कि मौजूदा परिवेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जरूरत है। साइबर सिक्योरिटी के आधारभूत ढांचे विकसित किए जाए तो यह युवाओं के लिए बेहद कारगर कदम साबित होगा।
सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स विभाग के मुख्य सचिव आलोक कुमार ने विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। कहा कि पूर्वांचल में आईटी का हब बनाया जाएगा। सरकार इस पर काम कर रही है। एमएनएनआईटी, प्रयागराज के प्रो. वीएस त्रिपाठी ने पूर्वांचल में सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अवसरों एवं क्षमताओं के संदर्भ में जानकारियां साझा की।
कहा कि पूर्वांचल में प्रतिभा है। अगर इन प्रतिभाओं के जरिए पूर्वांचल का विकास करना है तो डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। इससे युवा पीढ़ी आगे बढ़ेगी। इस तकनीकी सत्र की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और सह अध्यक्षता प्रोफेसर एसएन तिवारी ने की। मौके पर प्रो. मनीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।