पृर्वोत्तर रेलवे में अब संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने वाली निजी फर्मों का भुगतान रोक दिया जाएगा। यही नहीं फर्में अब नकद या चेक से भुगतान नहीं करेंगी, बल्कि वेतन कर्मचारियों के खाते में भेजना होगा। जांच कर संबंधित पर्यवेक्षक प्रमाणित करेंगे और अगर गड़बड़ी मिली तो उनकी ही जवाबदेही तय की जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। मुख्य कार्मिक अधिकारी (आईआर) संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी कर कहा है कि संबंधित पर्यवेक्षक एजेंसी या फर्म के अधीन कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति पंजिका प्रतिहस्ताक्षरित करें।
जब भी भुगतान के लिए कागजात प्रस्तुत होगा तो पर्यवेक्षक यह जांचेंगे कि श्रमिक को भुगतान उनके खाते में हुआ है या नहीं, भुगतान की कॉपी संलग्न होनी चाहिए। यही नहीं भुगतान की सभी सूचनाएं रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाए।