पूर्वोत्तर रेलवे की वेबसाइट पर जाकर ई-ग्रंथालय पर क्लिक करना होगा। क्लिक करते ही पुस्तकों को खोजने का ऑप्शन आएगा। इसमें छह तरह से पुस्तकें खोजी जा सकती हैं। पुस्तक का नाम, विषय, प्रकाशन वर्ष, प्रकाशक का नाम, भाषा के अनुसार और लेखक का नाम डालते ही पुस्तकों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी।
बेकार हो गईं 45 हजार पुस्तकें
लाइब्रेरी में पुरानी हो चुकीं करीब 45 हजार पुस्तकें बेकार हो चुकी हैं। पन्नों के फटने व बाइंडिंग आदि न होने के चलते कंडम कर दी गई हैं।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी को डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया गया है। इससे पुरानी पुस्तकों को खोजने में सुविधा होगी। घर बैठे ही रेलकर्मी जान सकेंगे कि उनकी काम की पुस्तक है कि नहीं। इससे अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा जल्द ही सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।