राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
गोरखपुर। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक सुरेंद्र कुमार यादव ने फोटोग्राफी को समय को सहेजने की कला बताते हुए कहा कि यह इतिहास का जीवंत दस्तावेज है। फोटोग्राफी कला, विज्ञान और भावना का संगम है।
उन्होंने बताया कि आज स्मार्टफोन के दौर में हर व्यक्ति फोटोग्राफर बन गया है। फोटोग्राफी पुरातत्व व इतिहास में दस्तावेजीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने वाइड एंगल व टिल्टेड लेंस के उपयोग पर भी जानकारी दी और अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान प्रतिभागियों ने धरोहर प्रदर्शनी का अवलोकन कर छायांकन किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी शुरू हो गई है, जिसमें प्रतिभागियों को तीन मई तक प्रविष्टियां जमा करनी होंगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को चार मई को सम्मानित किया जाएगा।