गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग और उत्तर प्रदेश स्टेट आर्काइव्स की ओर से 19 और 20 फरवरी को राष्ट्रीय सेमिनार और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार का विषय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और इतिहास लेखन (उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में) है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के निर्देश पर स्टेट आर्काइव्स, संस्कृति विभाग की ओर से गोरक्षा रिसर्च चेयर, डीडीयू में गोरखपुर का इतिहास विषय पर दुर्लभ धरोहरों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में कई दुर्लभ और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें गुरु गोरखनाथ से जुड़ी पांडुलिपियों (मैन्युस्क्रिप्ट) की तस्वीरें शामिल हैं।
साथ ही 1857 की पहली आजादी की लड़ाई से जुड़ीं गोरखपुर की कहानियां, क्रांतिकारी बंधू सिंह का विस्तृत और चित्र सहित विवरण, गोरखपुर क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची भी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी में चौरीचौरा, काकोरी कांड और गोरखपुर जेल से जुड़े रिकॉर्ड भी प्रदर्शित किए जाएंगे। 1942 के आंदोलन के दौरान देवरिया कचहरी में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले क्रांतिकारी रामचंद्र विद्यार्थी और सोना सुनार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे।
जंग-ए-आजादी के इतिहास में गोरखपुर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में है दर्ज
डीडीयू के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि जंग-ए-आजादी के इतिहास में गोरखपुर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। इस धरती के लोगों ने 1857 की पहली क्रांति से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक हर मोर्चे पर देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।