वाहनों का धुआं पहुंचाता है ज्यादा नुकसान
10 माइक्रोन से ज्यादा बड़े साइज वाले कण नाक के बालों से रूक कर फेफड़े तक नहीं पहुंच पाते हैं। जबकि, इनसे छोटे कण सीधे हमारे फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। वाहनों से निकलने वाले धुएं के कण 10 माइक्रोन से कम साइज के होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी होते हैं।
इन बिंदुओं पर काम करने की आवश्यकता
- कंस्ट्रक्शन साइट पर बिल्डिंग मटेरियल को ढक कर रखा जाए।
- समय समय पर पानी का छिड़काव किया जाए।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
- लाल बत्ती पर गाड़ियों का इंजन बंद किया जाए।
- चौराहों पर लगे फव्वारों को लगातार चलाया जाए।
- पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट जारी करते हुए गाड़ियों के इंजन को ट्यून किया जाए।
- गाड़ियों का पॉल्यूशन नियमित अंतराल पर हो ।
- औद्योगिक क्षेत्रों में लगे प्रदूषण नियंत्रण संयंत्रों की लगातार जांच की जाए।
- औद्योगिक क्षेत्रों में पौधरोपण एवं वनीकरण को बढ़ावा दिया जाए।