सीमा ने ताइक्वांडो में रोशन किया नाम।
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देश सेवा की जिद और जुनून, उसे पूरा करने की हिम्मत गोरखपुर की सीमा को औरों से जुदा करती है। भविष्य की जो राह पहले धुंधली नजर आती थीं, उन्हें साफ करने के लिए 12 साल की उम्र में ही ताइक्वांडो से नाता जोड़ लिया। इसके बाद सीमा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी राह ने देश की सेवा करने का सपना भी पूरा किया। नेशनल और इंटरनेशनल मैच खेलकर कई पदक जीतने वाली सीमा अभी पैरामिलिट्री फोर्स में तैनात होकर देश की सेवा कर रही हैं।
शहर के खोराबार के पगड़िहया की रहने वाली सीमा कन्नौजिया छह बहनों में पांचवें नंबर पर हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई क्षेत्र के जयपाली देवी इंटरमीडिएट कॉलेज से की। 2012 में ताइक्वांडो में गोरखपुर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इसके बाद आगे की राह आसान हो गई। सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।