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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज: मुआवजे का झंझट, इस साल भूल जाइए ओवरब्रिज, फंसा पेंच

Sat, 18 Mar 2023 02:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

विकास नगर में करीब 50 से अधिक लोगों को मुआवजा मिल चुका है। इसके लिए भी अधिकारियों ने कई बार वार्ता की, तब जाकर मामला सुलझा है। यही वजह है कि इस इलाके के लोग चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द निर्माण शुरू हो और जाम से मुक्ति मिल सके।
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नकहा रेलवे क्रासिंग से बरगदवा रोड घरो पर निशाना लग गया है। - फोटो : अमर उलाला।
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विस्तार
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गोरखपुर  नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी गति का सबसे बड़ा कारण मुआवजे का पेंच है। इसके चलते बरगदवां की तरफ विकास नगर और विस्तारनगर में पिलर बनाने के लिए अब तक गड्ढे तक नहीं खोदे गए हैं। इलाके के प्रभावित लोगों में से कुछ लोगों को मुआवजा मिल गया है, लेकिन 84 ऐसे लोग हैं, जिनके मुआवजे के झंझट ने काम की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। ऐसे में यह विश्वास करना मुश्किल है कि इस साल ओवरब्रिज का काम हो पाएगा। इस बात को खुद अधिकारी भी दबी जुबान से स्वीकार कर रहे हैं।

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मुआवजे के मामले का निस्तारण न होने के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि इसमें कुछ लोगों के बीच जमीन का विवाद हैं, जो कई बार वार्ता के बाद भी सुलझ नहीं पा रहा है। विस्तारनगर के रहने वाले रामाज्ञा ने बताया कि कई बार अधिकारी आए और नाम, पता के साथ एकाउंट नंबर तक लिए, लेकिन मुआवजा अब तक नहीं मिला है। कुछ ऐसा ही दर्द संतराज का भी था।

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सेतु निगम ने जनवरी में 2022 में नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया। पहले चरण में नकहा की तरफ भगवानपुर खास और खाद कारखाने की तरफ निर्माण शुरू कराया गया। कुछ हिस्से में पिलर ढाल दिया गया, लेकिन नकहा से आगे बढ़ने पर बरगदवां की तरफ सेतु निगम अब तक गड्ढे तक नहीं खोद पा रहा है। जबकि, इस तरफ 500 मीटर से अधिक लंबाई का ओवरब्रिज बनना है।
 

विस्तारनगर की तरफ सबसे अधिक विवाद

नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
नकहा के बाएं तरफ विस्तार नगर कॉलोनी है, जिसमें करीब 60 मकान ऐसे हैं, जिनके मुआवजे का पेंच फंस रहा है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में सबसे अधिक जमीन का विवाद है। इसमें अधिकांश ने अपनी जमीन के साथ सरकारी जमीन पर भी निर्माण कर लिया है और सरकारी जमीन का भी मुआवजा मांग रहे हैं। जबकि, प्रशासन उनकी जमीन पर ही मुआवजा देने को राजी है। इसे लेकर कई बार अधिकारियों और संबंधित लोगों से कई बार वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन हर बार वार्ता असफल रही है।

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विकास नगर की तरफ मुआवजा का पेंच सुलझ गया
विकास नगर में करीब 50 से अधिक लोगों को मुआवजा मिल चुका है। इसके लिए भी अधिकारियों ने कई बार वार्ता की, तब जाकर मामला सुलझा है। यही वजह है कि इस इलाके के लोग चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द निर्माण शुरू हो और जाम से मुक्ति मिल सके।

मुआवजा मिलता तो घर तोड़ने का काम शुरू कर देते
मुआवजा के लिए वार्ता चल रही है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। मुआवजा मिल जाता तो घर को तोड़ने का काम खुद ही शुरू कर देते। जबकि, यहां कुछ लोगों को मुआवजा मिल चुका है। : जगत नारायण जायसवाल, विस्तार नगर
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सरकारी जमीन पर भी मुआवजा चाह रहे कुछ लोग

नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
घर की नपाई हो चुकी है। लाल रंग का निशान लगा दिया गया है। साढ़े तीन मीटर जमीन के बदले 14 लाख 13 हजार 282 रुपये मिला है। कुछ लोग सरकारी जमीन पर भी मुआवजा चाह रहे हैं, यही वजह है कि काम में देरी हो रही है। : जगदीश चौहान, विकास नगर

मुआवजे की रकम काफी कम
मुआवजे के लिए वार्ता हुई है तो लेकिन कम रकम मिल रही है। कई सालों से यह मकान बना है। उसी अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। : छेदी लाल, विस्तारनगर

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नकहा के विकास नगर की तरफ 90 फीसदी लोग मुआवजे की राशि ले चुके हैं। सारी समस्या विस्तार नगर के पावर हाउस तक है। इस इलाके में एक भी लोगों को मुआवजे की राशि नहीं मिली है। यहां कई बार टीम आकर नपाई कर चुकी है। : सूरज चौहान, विकास नगर

नकहा से बरदगवां की तरफ जाने वाले मार्ग पर विस्तार और विकास नगर की तरफ 84 लोगों को मुआवजा मिलना है। इसके लिए घरों को तोड़ने के लिए लाल निशान भी लगा दिए गए हैं। जैसे ही मुआवजे का पेंच सुलझ जाता है, बरगदवां की तरफ पिलर ढलाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। : एके सिंह, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम



 
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