बौद्ध सर्किट से जुड़े स्थानों में बिहार में वैशाली व राजगीर और उत्तर प्रदेश में सारनाथ (वाराणसी), श्रावस्ती और कुशीनगर शामिल हैं। कुशीनगर में आने वाले पर्यटकों के लिए गोरखपुर भी महत्वपूर्ण है। तमाम वीवीआईपी भी ऐसे हैं जो कुशीनगर जाते हैं, लेकिन रुकने के लिए पांच सितारा होटल न होने के कारण लौट जाते हैं। इन नए होटलों के शुरू होने पर काफी संख्या में देश-विदेश से बौद्ध धर्मावलंबी आने लगेंगे। इन पांच सितारा होटलों के वजूद में आने के बाद पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
होटल कार्टयार्ड मैरियाट के एमडी अतुल सर्राफ का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ बौद्ध सर्किट के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक गोरखपुर आ रहे हैं। पिछले तीन-चार साल से बिहार के नजदीक इलाकों गोपालगंज, बगहा, बेतिया, मैरवा, सीवान तक के लोग गोरखपुर के बड़े होटलों में अपने पारिवारिक और मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। यह बदलाव होटल उद्योग के लिए बहुत सुखद है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में चार करोड़ का अवैध सोना बरामद, तीन गिरफ्तार
होटल कार्टयार्ड मैरियाट
- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने बताया कि होटल मैरियाट करीब सात एकड़ में बना है। इसमें रिजॉर्ट की सुविधा उपलब्ध है। होटल के सभी 136 कमरे से रामगढ़ताल और हरियाली का नजारा देखा जा सकता है। होटल में एक साथ तीन आयोजन हो सकते हैं। इसके लिए एक दस हजार वर्ग फीट और चार-चार हजार वर्गफीट के दो हाॅल हैं। होटल में जिम, स्पा और बार के अलावा अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया है।
उधर, होटल ताज ने गोरखपुर में फ्रेंचाइजी दी है। इसके निदेशक शोभित मोहन दास ने बताया कि होटल ताज का निर्माण शुरू हो चुका है। पहले चरण में चहारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। नींव लेवल तक के निर्माण के लिए एक एजेंसी को टेंडर दिया जा चुका है। करीब 125 करोड़ की लागत आ रही है। वर्ष 2027 की शुरुआत तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी करेंगे तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता, जानिए पूरा शेड्यूल
15 और 16 को बुक हो गया है होटल मैरियाट
होटल काेर्टयार्ड मैरियाट के एमडी अतुल सर्राफ ने बताया कि शुभारंभ के दिन 15 तारीख और 16 तारीख को होटल की बुकिंग फुल हो चुकी है। इसके अलावा जनवरी व फरवरी माह में भी कई बुकिंग की जा चुकी है। उनका कहना है कि मैरियाट एक विश्वस्तरीय कंपनी है। इनका अन्य कंपनियों से समझौता है। इसका लाभ भी मिल रहा है।