कुईं बाजार। उरुवा और सिकरीगंज क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक लोगों के लिए चिंता का सबब बन गया है। रविवार को कुत्ते के हमले में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 42 लोग घायल हो गए। घटना के बाद लोग कुत्तों को देखते ही सहम जा रहे हैं। अभिभावक बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। सोमवार को भी पीएचसी उरुवा में कुत्ता काटने के 16 मामले पहुंचे। इधर, नगर पंचायत ने कुत्ते को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की हैं लेकिन उसका अब तक पता नहीं चल सका है। रविवार सुबह करीब आठ बजे सिकरीगंज की प्रिया और सतोरा के शिवांश (9) को कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद कुईं बाजार, सतोरा, असौजी बाजार, महुई, उरुवा, चचाईराम, नकौझा, भरवलिया, भैसारानी समेत कई गांवों से कुत्ता काटने के मामले सामने आते गए। सुबह नौ बजे से रात करीब आठ बजे तक कुत्ता काटने के 42 मामले पीएचसी पहुंचे।
चिकित्सकों ने सभी को टीटी और एआरवी की खुराक दी। परसा की शैल (62), अमोढ़ा के धनपत (78) और नकौझा के रीवांश (3) को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
तीन टीमें बनीं, कुत्ते का पता नहीं
नगर पंचायत उरुवा के ईओ मनोज मिश्र ने बताया कि कुत्ते को पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। टीमों ने सभी वार्डों में तलाश कीं, लेकिन कुत्ता नहीं मिला। आशंका है कि वह नगर पंचायत क्षेत्र से बाहर चला गया है। उन्होंने बताया कि एबीसी सेंटर के लिए स्थान तलाशने के साथ कुत्तों के टीकाकरण की भी तैयारी की जाएगी। पीएचसी उरुवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी ने बताया कि सोमवार को अलग-अलग क्षेत्रों से कुत्ता काटने के 16 मामले आए। सभी को टीटी, एआरवी और जरूरत के अनुसार एचआरआईजी की खुराक दी गई। रविवार को हमला करने वाले कुत्ते से संबंधित कोई नया मामला सोमवार को नहीं आया।