16 फरवरी को चिलुआताल थाना के मोहम्मदपुर माफी गांव में यज्ञ का आयोजन हुआ था। इस दौरान बिदके हाथी ने दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को कुचल दिया था। तीनों की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। हाथी पर पांच घंटे बाद काबू पाया जा सका था।
गोरखपुर जिले के चिलुआताल क्षेत्र में आयोजित यज्ञ के दौरान तीन लोगों की जान लाने वाले हाथी को चिड़ियाघर में ही रखा जाएगा। हिरण के बाड़े के पास छह करोड़ रुपये से उसका घर बनाया जाएगा। बाड़े का निर्माण कार्य दो महीने में पूरा किया जाएगा। फिलहाल इस उत्पाती हाथी को विनोद वन में रखा गया है।
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दरअसल, हाथी को चिड़ियाघर के अलावा कहीं और रखने की जगह नहीं है। ऐसे में वाइल्ड लाइफ और वन विभाग की सहमति से उसे चिड़ियाघर में रखने की योजना तैयार की गई है। निदेशक डॉ राजामोहन ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही बाड़े के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
बता दें कि 16 फरवरी को चिलुआताल थाना के मोहम्मदपुर माफी गांव में यज्ञ का आयोजन हुआ था। इस दौरान बिदके हाथी ने दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को कुचल दिया था। तीनों की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई थी।
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हाथी पर पांच घंटे बाद काबू पाया जा सका था। इसके बाद उसे विनोद वन लाकर उपचार शुरू किया गया। उसी समय से विनोद वन का मुख्य द्वार आम लोगों के बंद कर दिया गया था।