उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर की सफाई व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति वार्डों की सफाई के लिए हुई है, वह नेता और अधिकारियों के बंगले पर ड्यूटी कर रहे हैं। कोई अधिकारियों के कमरों में झाडू-पोछा कर रहा तो कोई फुलवारी संवारने की जिम्मेदारी निभा रहा है। कुछ सफाई कर्मी जनप्रतिनिधियों के आवास पर कार्यकर्ताओं को पानी भी पिला रहे हैं।
अधिकारियों के बंगले पर सफाई कर्मियों की नियम विरुद्ध तैनाती का सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। साल भर पहले बड़े अधिकारियों के बंगले पर पंचायतराज विभाग के सफाई कर्मी तैनात रहते थे। कोई साहब बंगले की साफ-सफाई करता था तो कोई उनकी गाड़ी में अर्दली बनकर घूमता था। शासन के सख्त निर्देश के बाद अधिकारियों के बंगले से पंचायतराज विभाग के सफाईकर्मी हटा दिए गए।
अब उनकी जगह नगर पालिका के सफाई कर्मी लगा दिए गए हैं। यह दिन भर साहब के घर की बेगारी करते हैं। लेकिन नगर पालिका वार्डों की सफाई के नाम पर मानदेय भुगतान करती है। सफाई कर्मियों की छीना- झपटी में नेता भी पीछे नहीं हैं। नेताओं की बेगारी के लिए भी पालिका ने उनके घर सफाई कर्मी तैनात किया है जिनकी हाजिरी वार्ड में सफाई के नाम पर बनती है।