50 करोड़ से नगर निगम परिक्षेत्र में होंगे विकास कार्य
- रुपये मिलने से उत्साहित नगर निगम ने शुरू की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नगर विकास विभाग ने सभी निकायों के लिए मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना की शुरुआत की है। योजना अंतर्गत नगर निगमों में न्यूनतम 25 प्रतिशत कर व गैर कर वसूली में वृद्धि करने वालों को न्यूनतम 2.5 करोड़ और अधिकतम 50 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से गोरखपुर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उत्साहित हैं। गोरखपुर नगर निगम का दावा है कि योजना अंतर्गत उसे 50 करोड़ रुपये मिलेंगे, इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और शहरों के सर्वांगीण विकास की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोशिशों की कड़ी में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट शहरी (सीएम-ग्रिड) अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। उसी तर्ज पर नगरीय सेवाएं और अवस्थापना विकास परियोजनाएं (मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना-सीएम-वीएनवाई) 2024-25 से शुरू होकर 05 वर्षों के लिए लागू की जा रही है। योजना अंतर्गत 2024-25 वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था है।
गोरखपुर नगर निगम को 2022-23 में कर एवं करेत्तर 38.11 करोड़ की आय हुई थी। साल 2023-24 में बढ़ कर 76 करोड़ हो गई थी। बढ़ोत्तरी पिछले वर्ष की अपेक्षा 37.89 करोड़ अधिक थी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल कहते हैं कि इस बढ़ोत्तरी से उम्मीद है कि गोरखपुर नगर निगम को योजना अंतर्गत 50 करोड़ की धनराशि विकास कार्यो के लिए मिलेगी। योजना के अंतर्गत नगरीय स्थानीय निकाय के प्रकार, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर नगरीय स्थानीय निकाय को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। श्रेणी-1 में नगर निगम (3 लाख से अधिक जनसंख्या), श्रेणी-2 में नगर पालिका परिषद एवं जिला मुख्यालय (1 लाख से अधिक जनसंख्या) और श्रेणी-3 में नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतें और जिला मुख्यालय (1 लाख से कम जनसंख्या) को शामिल किया गया है। ऐसे में गोरखपुर नगर निगम श्रेणी-1 में शामिल है। नगर आयुक्त का मुताबिक योजना अंतर्गत सुझाए गए कार्यो में कुछ की डीपीआर भी जल्द तैयार कराई जाएगी।